पीएम, गृह मंत्री या राजभवन की ओर से हमपर विचारधारा बदलने का कोई दबाव नहीं
अब्दुल्ला ने इन अटकलों को खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है और नेशनल काॅन्फ्रेंस भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो सकती है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या राजभवन की ओर से हम पर अपनी विचारधारा बदलने का कोई दबाव नहीं है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मुझसे कहा है कि आपकी सरकार अस्थिर नहीं होगी और हम आपको वैसा ही सहयोग देंगे जैसा उपराज्यपाल को दिया गया है। सीएम ने कहा, जो लोग यह अफवाह फैला रहे हैं कि मैं अब एनडीए में शामिल हो जाऊंगा और मैंने अपनी विचारधारा बदल ली है, मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता। मैं यहां काम करने आया हूं और काम करूंगा। लोगों की भावनाओं का सम्मान और उनकी आकांक्षाओं को पूरा किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार को पहला मौका दिया जाना चाहिए
उमर ने कहा, हर सरकार या व्यक्ति के पास अदालत का सहारा लेने का विकल्प होता है, लेकिन यह कभी भी हमारी पहली प्राथमिकता नहीं रही। राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए न्यायालयों में लड़ाई लड़ना हमारी पहली पसंद नहीं हो सकती। अदालत जाना लड़ाई होगी। यह अंतिम विकल्प होना चाहिए।
अगर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के दर्जे की बहाली के बारे में बात नहीं कही होती, अगर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इस बारे में बात नहीं की होती, तो हम अदालतों में जा सकते थे। उन्होंने वादे किए हैं और हमें पहले उन्हें एक मौका देना चाहिए।उमर ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश का कोई भी मुख्यमंत्री राज्य के मुख्यमंत्री जितना सशक्त नहीं है। यह एक तथ्य है। इनकार में जीने का कोई मतलब नहीं है। अगर मैं एक सशक्त मुख्यमंत्री होता, तो मैं राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग क्यों करता।