कश्मीर घाटी में कैंसर के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं। अनंतनाग जीएमसी से जुड़े रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में 1,600 से अधिक कैंसर रोगियों को पंजीकृत किया है। विभाग के प्रमुख डॉ. शाहिद ने खुलासा किया कि इस वर्ष 400 से अधिक पंजीकृत रोगियों का इलाज किया गया है। अस्पताल में हर साल हजारों कीमोथेरेपी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। कैंसर के उपचार की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रेडियोथेरेपी सुविधाओं को शुरू करने के प्रयास जारी हैं।
डॉ. शाहिद ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कैंसर के उपचार में बहुत प्रगति हुई है। पेट का कैंसर पुरुषों में अधिक आम है, जबकि स्तन कैंसर इस क्षेत्र में महिलाओं में प्रचलित है। जीएमसी अनंतनाग की प्रिंसिपल डॉ. रुखसाना नजीब ने कैंसर के क्षेत्रीय पैटर्न पर अपने अवलोकन साझा करते हुए कहा कि कार्सिनोमा कैंसर दक्षिण कश्मीर में विशेष रूप से आम है।
उन्होंने कहा कि जब कैंसर का निदान उसके शुरुआती चरणों में किया जाता है तो सफल उपचार और बचने की संभावना बहुत अधिक होती है। उन्होंने कहा कि कई प्रकार के कैंसर के लिए उन्नत उपचार उपलब्ध हैं लेकिन कुछ रूपों में अभी भी प्रभावी उपचार विकल्पों का अभाव है। एक अन्य ऑन्कोलॉजिस्ट ने कैंसर से लड़ने में जागरूकता का आह्वान करते हुए कहा कि लगभग 70 प्रतिशत कैंसर अब उपचार योग्य हैं यहां तक कि उन्नत चरणों में भी। उन्होंने प्रारंभिक निदान, रोकथाम और उपचार विकल्पों में सुधार के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।