लश्कर-ए-ताइबा का एक पाकिस्तानी आतंकी श्रीनगर में हेयर ट्रांसप्लांट करवाने में जुट गया।
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मोहम्मद उस्मान जट्ट उर्फ चीनी लश्कर-ए-ताइबा का पाकिस्तानी आतंकी है। उसने कश्मीर में खूनखराबा करने के मिशन से घुसपैठ की थी। उसने कश्मीर की रोजमर्रा की जिंदगी देखी तो अपना मकसद ही भूल बैठा। उसे आतंकी संगठन के प्रशिक्षण कैंप में बताए गए झूठ और कश्मीर की असल जिंदगी में जमीन-आसमान का फर्क दिखा। घाटी के अमन-चैन से वह इतना प्रभावित हुआ कि उसने श्रीनगर में अपना पसंदीदा हेयर ट्रांसप्लांट तक करवा लिया। ये उसका सपना था जो आतंक के जाल में उलझने से पूरा नहीं हो पा रहा था।
उस्मान जट्ट को गत अप्रैल की शुरुआत में श्रीनगर पुलिस ने अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा के साथ गिरफ्तार किया था। हुरैरा कश्मीर में लश्कर का सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने वाला आतंकी था। इन दोनों को जम्मू-कश्मीर के बाहर स्लीपर आतंकवादी ठिकाने बनाने का काम सौंपा गया था। बाद में ये मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया। अब इस मामले में एनआईए पूछताछ कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि उस्मान जट्ट ने पूछताछ में कई राज उगले हैं। उसने उत्तरी कश्मीर में एलओसी से कश्मीर में घुसपैठ की थी। वह लाहौर का रहने वाला है लश्कर का प्रशिक्षित आतंकी है। उसके आकाओं ने कश्मीर में कई हमले करने का जिम्मा साैंपा था। वह उत्तरी और मध्य कश्मीर में कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था। उसने घुसपैठ करने का स्थान और उन जगहों के बारे में बताया है जहां उसने समय बिताया था।
उस्मान ने पूछताछ दावा किया है कि कश्मीर में रोजमर्रा की जिंदगी की हकीकत देखने के बाद उसके मकसद पूरी तरह बदल गए। यह हकीकत सीमा पार लश्कर की ट्रेनिंग के दौरान उन्हें बताई गई बातों से बिल्कुल अलग थी। उसने बताया कि वह कई वर्षों से बालों के झड़ने की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। उसने बालों को ठीक करवाने के तरीकों के बारे में सुना था लेकिन सिर्फ इतना पता था कि ये सुविधा सिफ पश्चिमी देशों में ही उपलब्ध है।
श्रीनगर की पहाड़ियों पर मिला था हुरैरा और जरगम से
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर की ऊपरी पहाड़ियों में छिपे रहने के दौरान उस्मान मुलाकात पाकिस्तानी आतंकियों जरगम और अबू हुरैरा से हुई थी। उसने कई ठिकाने बताए जिससे श्रीनगर पुलिस को उत्तरी कश्मीर और श्रीनगर शहर में ओजीडब्ल्यू के रैकेट का भंडाफोड़ करने में मदद मिली।
जरगम ले गया था दुकान पर
उस्मान ने बताया कि जरगम उसे श्रीनगर शहर में एक दुकान पर ले गया। दुकान मालिक से जट्ट को पता चला कि उसने हेयर ट्रांसप्लांट करवाया है। इसके बाद वह दुकान मालिक से लगातार मिलता रहा और खुद के लिए हेयर ट्रांसप्लांट करवाने में मदद करने के लिए उसे राजी कर लिया। बाद में उसने हेयर ट्रांसप्लांट करा लिया। इसके लिए उसे क्लिनिक में रात भी बितानी पड़ती थी।
हुरैरा के साथ गया था पंजाब
हेयर ट्रांसप्लांट कराने जट्ट को हुरैरा यात्री वाहन से जम्मू और फिर स्लीपर बस से पंजाब के मालेरकोटला ले गया। वहां उसने तुर्की शो देखा और अंग्रेजी सीखने की कोशिश की।
भारत से भागने के लिए बनवाना चाहता था पासपोर्ट
उस्मान जट्ट ने पूछताछ में बताया कि वह भारत से भागने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवाना चाहता था, ठीक वैसे ही जैसे उमर उर्फ खरगोश ने किया था। उमर ने जाली पासपोर्ट हासिल कर इंडोनेशिया भाग निकला है। माना जाता है कि उसने किसी दूसरे जाली यात्रा दस्तावेज का इस्तेमाल किया है और वर्तमान में खाड़ी देश में कहीं छिपा है।