जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने ईंधन संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्चुअल सुनवाई और हाइब्रिड कार्य व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और आर्थिक आत्मरक्षा की अपील के बाद उठाया गया है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार 21 मई 2026 से अदालत में वकीलों की वर्चुअल उपस्थिति और ऑनलाइन सुनवाई को बढ़ावा दिया जाएगा। हालांकि जरूरी परिस्थितियों में वकील अदालत में व्यक्तिगत रूप से भी उपस्थित हो सकेंगे।
गर्मी की छुट्टियों के दौरान 8 जून से कार्यरत अवकाश बेंच भी वर्चुअल मोड में मामलों की सुनवाई करेंगी। इसके अलावा जिलों के प्रशासनिक निरीक्षण और बैठकों को भी अगले आदेश तक ऑनलाइन माध्यम स आयोजित किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एलटीसी सुविधा पर भी अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया है। साथ ही न्यायिक अकादमी के सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यशालाएं और ओरिएंटेशन अब केवल ऑनलाइन मोड में आयोजित किए जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों को सरकारी वाहनों के साझा उपयोग के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि ईंधन की खपत कम हो और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके।