हालांकि, प्रशासन ने धीरे-धीरे कर्फ्यू हटाया और 3 अक्तूबर से कक्षा 8 तक के स्कूल खोल दिए गए, लेकिन धारा 144 अब भी लागू है और मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल नहीं की गई है।
एलजी ऑफिस ने एक आधिकारिक पोस्ट में कहा, लद्दाख अब शांत है। स्कूल, दफ्तर और बाजार दोबारा खुल चुके हैं। एलजी कविंदर गुप्ता लगातार सुरक्षा की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर, एलएबी ने प्रशासन पर गांव के मुखियाओं को डराने-धमकाने और हिरासत में लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ लोगों को जानकारी दे रहे थे, उन्होंने कोई भड़काऊ कार्य नहीं किया।
एलएबी ने मांग की कि सभी गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाए, इंटरनेट सेवाएं तुरंत बहाल की जाएं और न्यायिक जांच शुरू की जाए, ताकि लोगों का विश्वास दोबारा बहाल हो सके।
प्रशासन की ओर से मुख्य सचिव पवन कोटवाल ने कहा कि 70 में से 30 युवकों को रिहा किया जा चुका है और शेष को भी न्यायालय के आदेश के अनुसार रिहा किया जाएगा। सरकार युवाओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं देना चाहती और जल्द ही संवाद प्रक्रिया शुरू करने को तैयार है।