पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने गुरुवार को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान गुलाम नबी ने क्षेत्र और धर्म के भेदभाव पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब वह जम्मू-कश्मीर का सीएम थे, तो उन्होंने सोपोर में पहले भाषण के दौरान अपने मंत्रियों से कहा था कि वे अगर धर्म या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव करेंगे, तो वे अधिक समय तक उनके साथ नहीं रह सकते।
इससे पहले बुधवार को गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस क्यों छोड़ी, के सवाल पर कहा, अगर चूल्हे पर पानी गर्म करने के लिए रखते हैं तो वह पहले नीम गर्म होती है, फिर उबलता है। अगर उसे गर्म करने वाला वहां मौजूद न हो तो पानी ज्यादा गर्म होकर ढक्कन को फेंक देता है और पतीले में से बाहर निकल आता है। यही मेरे साथ कांग्रेस में हुआ। हम ढक्कन को फांद कर बाहर आ गए। पहले गर्म, फिर नीम गर्म हुए लेकिन वो किसी को सुनाई नहीं दिया।
यह पूछे जाने पर कि जम्मू कश्मीर को राज्य के दर्जे की ज्यादा जरूरत है या विकास की। इस पर उन्होंने कहा कि राज्य के दर्जे के बिना विकास नहीं होगा। यह एक साथ जुड़े हुए हैं। आजाद ने यह भी कहा कि निष्पक्ष चुनावों की बहुत जरूरत है।
बुधवार को तीसरे दिन भी आजाद श्रीनगर में विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों में आजाद करीब 300 से अधिक प्रतिनिधिमंडलों से मिल चुके हैं।