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Srinagar News: मानसबल में 40 से ज्यादा शिकारा वालों को दी आपदा से निपटने की ट्रेनिंग

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- पर्यटकों की सुरक्षा होगी और पुख्ता, डॉ. चिश्ती बोले- ये लोग हैं पहले रिस्पांडर
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संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। वुलर-मानसबल झील की सैर अब और सुरक्षित होगी। वुलर-मानसबल विकास प्राधिकरण और सिविल डिफेंस विभाग, श्रीनगर ने मिलकर झील से जुड़े बुनियादी हितधारकों के लिए एक खास आपदा प्रतिक्रिया प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में पर्यटकों की मदद के लिए स्थानीय लोगों को तैयार करना।
रविवार को हुए इस प्रशिक्षण में 40 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें शिकारा वाले, नाव चालक, सफाई कर्मचारी और मानसबल विकास प्राधिकरण का फील्ड स्टाफ शामिल रहा। यानी वो सभी लोग जो झील पर हर दिन मौजूद रहते हैं और किसी भी हादसे में सबसे पहले मदद कर सकते हैं। सिविल डिफेंस श्रीनगर के प्रशिक्षकों एजाज अहमद और शौकत अहमद ने प्रतिभागियों को फर्स्ट एड, आग बुझाने के तरीके, डूबते व्यक्ति को बचाने की तकनीक और आपातकाल में तुरंत रिस्पॉन्स देने की ट्रेनिंग दी।
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इस मौके पर थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल डेमो भी कराए गए ताकि हर कोई सीखे हुए को लागू कर सके। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मानसबल विकास प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अहसानुल हक चिश्ती ने कहा मानसबल घूमने आने वाले हर सैलानी की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। आपदा के समय शिकारा वाले और नाव चालक ही सबसे पहले मौके पर होते हैं। अगर ये प्रशिक्षित होंगे तो बड़ी जान-माल की हानि से बचा जा सकता है।
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उन्होंने सिविल डिफेंस विभाग का आभार जताया और इसे समुदाय-आधारित आपदा तैयारी की दिशा में बड़ा कदम बताया। डिवीजनल वार्डन सिविल डिफेंस श्रीनगर रियाज अहमद ने कहा कि प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा में सिविल डिफेंस वालंटियर्स की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि जो कुछ आज सीखा है, उसे अपने मोहल्ले और साथियों तक जरूर पहुंचाएं। इस पहल से मानसबल आने वाले पर्यटकों का भरोसा और बढ़ेगा। झील किनारे काम करने वाले लोग अब सिर्फ सैर कराने वाले नहीं, बल्कि ट्रेंड लाइफ-सेवर भी बन गए हैं।
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