अलकनंदा किनारे स्थित घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर रहे लोगों की जान उस वक्त खतरे में पड़ गई जब जल विद्युत परियोजना के पावर हाउस से अचानक ज्यादा मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदी का जल स्तर बढ़ गया। मौके पर पहुंची पुलिस व आपदा की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रस्सों के सहारे लोगों को नदी से बाहर निकाला।
शुक्रवार करीब ढाई बजे दिन में आईटीआई स्थित घाट पर विक्रम सिंह पुत्र कीर्ति सिंह निवासी भिताईं गांव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। अचानक जल विद्युत परियोजना कंपनी के पावर हाउस से पानी छोड़े जाने पर नदी का जल स्तर बढ़ गया, जिससे शव का अंतिम संस्कार कर रहे करीब 60-70 लोग नदी में फंस गए।
इन्हीं लोगों में से शामिल किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दी। प्रभारी कोतवाल जितेंद्र चौहान आपदा टीम व मय फोर्स घटना स्थल पर पहुंचे। चौहान ने बताया कि जल पुलिस व आपदा टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रस्सों के सहारे सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाला। गनीमत रही कि किसी भी प्रकार से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। जल विद्युत परियोजना की ओर से बिना सूचना पानी छोड़े जाने पर लोगों ने कड़ा आक्रोश जताया। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी घाटों पर हूटर लगाए जाने चाहिए, जिससे कि पानी छोड़े जाने पर सूचना मिल सके।
पानी छोड़े जाने पर हूटर बजाया जाता है। जगह जगह पर कंपनी ने सूचना बोर्ड लगाए है। हमेशा की भांति आज भी हूटर बजाया गया।
वाईआर शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी , परियोजना कंपनी