यूएपीए की धारा के तहत एफआईआर दर्ज पुलिस ने शुरू की जांच
अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए ओजीडब्ल्यू-सैयद अहमद पारिमू श्रीनगर के मोहल्ला काठीदरवाजा मुम्खान रैनावारी, रमीज अहमद मट्टू तुल्वारी गोजवारा नौहट्टा, फिरदौस अहमद भट नवाकदल ग्रटबल और मोहम्मद यासीन भट फजलुल हक कॉलोनी बटपोरा के रहने वाले हैं। नौहट्टा थाने की पुलिस ने यूएपीए की धारा 13, 18, 23, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4/5 और बीएनएस की धारा 109, 336 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कुलगाम में 26 फरवरी को पकड़े थे चार आतंकी मददगारसुरक्षाबलों ने 26 फरवरी को कुलगाम में लश्कर-ए- तैयबा के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर चार आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया था। इनके पास एक पिस्टल, चार ग्रेनेड, दो मैगजीन, 20 कारतूस, इंसास राइफल के 24 कारतूस के साथ अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।
प्रदेश में आतंकवाद पर और तेज होगा पुलिस का प्रहार
आतंकवाद से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस और सेना के बीच तालमेल मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में सेना ने 108 पुलिस जवानों को ज्वाइंट काउंटर इंसर्जेंसी और काउंटर टेररिज्म रिफ्रेशर कोर्स में युद्धक तकनीकें सिखाई हैं।
यह प्रशिक्षण टाइगर डिवीजन की देखरेख में 7 से 18 अप्रैल तक चला। इसका लक्ष्य दोनों बलों के बीच समन्वय को मजबूत बनाकर ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाना था। मीरां साहिब ब्रिगेड ने पुलिसकर्मियों को आधुनिक आतंकवाद-रोधी तकनीकों से अवगत करवाया। जूनियर लीडरशिप को मजबूत करने पर जोर दिया गया ताकि वे छोटे ऑपरेशनों में प्रभावी नेतृत्व कर सकें। कोर्स में जवानों को पेट्रोलिंग, क्विक रिएक्शन टीम ऑपरेशन, मोबाइल व्हीकल चेक पोस्ट ड्रिल, घात लगाकर हमला और उससे बचाव, घेराबंदी, तलाशी अभियान व रूम इंटरवेंशन जैसी जटिल परिस्थितियों में काम करने की ट्रेनिंग दी गई है।
आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल, हाई-टेक सर्विलांस उपकरणों, ड्रोन की पहचान और काउंटर-ड्रोन तकनीकों के संचालन की जानकारी भी दी गई। खुफिया जानकारी जुटाने और ऑपरेशन के दौरान घायलों को सुरक्षित निकालने की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। ट्रेनिंग के दौरान कई मॉक ड्रिल और टेक्टिकल एक्सरसाइज से जवानों को जमीनी हालात का व्यावहारिक अनुभव दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आतंकवाद के खिलाफ अभियानों को और प्रभावी बनाएंगे।