फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महबूबा मुफ्ती का आरोप: बंदूक की नोक पर राष्ट्रगान के लिए खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण, शहीद स्मारक कहीं और बनाएं

Wed, 01 Oct 2025 05:56 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर के युवाओं को बंदूक की नोक पर राष्ट्रगान के लिए खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण और गलत है। उन्होंने एमईटी स्कूल और डेयरी फार्म खेल मैदानों को युवाओं के लिए खुला रखने की मांग करते हुए शहीद स्मारक के लिए अलग जगह बनाने की अपील की।
विज्ञापन
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती - फोटो : बसित जरगर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को भाजपा पर कश्मीर के लोगों को मुश्किल में डालने का आरोप लगाया। कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोगों को बंदूक की नोक पर राष्ट्रगान के लिए खड़े होने के लिए मजबूर किया जाता है।

विज्ञापन


मुफ्ती ने संवाददाताओं से कहा, मुझे अपने छात्र जीवन याद हैं जब भी राष्ट्रगान बजता था हम उसके सम्मान में खड़े होते थे। कोई जबरदस्ती नहीं की जाती थी। यह भाजपा की विफलता है। वह मंगलवार शाम टीआरसी फुटबॉल मैदान में राष्ट्रगान बजने के दौरान बैठे देखे गए एक दर्जन युवकों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थीं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने बागात बरजुल्ला स्थित मुस्लिम एजुकेशनल ट्रस्ट (एमईटी) के खेल के मैदान का दौरा किया। ऐसी खबरें हैं कि पुलिस उस जमीन का इस्तेमाल शहीद स्मारक बनाने के लिए करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, मैं डीजीपी से इस मामले में हस्तक्षेप करने और एमईटी स्कूल के मैदान को खाली करने की अपील करती हूं ताकि युवा और स्थानीय निवासी इस सार्वजनिक स्थान का उपयोग खेल और विवाह जैसी गतिविधियों के लिए कर सकें।
विज्ञापन


अगर यह मैदान भी छीन लिया गया तो युवा भटक सकते हैं।मुफ्ती ने शहर के छत्ताबल में डेयरी फार्म ग्राउंड का भी दौरा किया। जहां स्थानीय लोगों से बातचीत की जो मांग कर रहे हैं कि यह सुविधा उनके लिए खुली रहे क्योंकि यह उनके लिए उपलब्ध एकमात्र खेल सुविधा है। उन्होंने कहा, इस जगह का इस्तेमाल दशकों से खेलों के लिए किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी मन की बात में पुलवामा में रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट की सराहना की थी। सेना के कोर कमांडर से अपील है कि युवाओं को खेल के मैदान से वंचित न करें। शहीदों के लिए स्मारक कहीं भी बना सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें