इस हाई-प्रोफाइल बैठक में कश्मीर घाटी से लेकर पीर पंजाल और चिनाब घाटी तक के 15 अहम विधायक मौजूद हैं। इनमें गुरेज़ से नजीर अहमद गुरेजी, अनंतनाग पश्चिम से अब्दुल मजीद लारमी, पाम्पोर से हसनैन मसूदी, ईदगाह से मुबारक गुल, करनाह से जावेद मिर्चल, गुलमर्ग से फारूक शाह, उड़ी से डॉ. सजाद शफी, पुंछ हवेली से एजाज जान, खानसाहिब से सैफुद्दीन भट, बिजबिहाड़ा से डॉ. बशीर वीरी, लोलाब से कैसर जमशेद लोन, गुलाबगढ़ से इंजीनियर खुर्शीद अहमद, रामबन से अर्जुन सिंह राजू, राजपोरा से गुलाम मोहिउद्दीन मीर और बुधल से जावेद इकबाल चौधरी शामिल हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी तादाद में प्रमुख विधायकों की नाराजगी को भांपते हुए आलाकमान ने तुरंत डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। बैठक में विधायकों की सरकार और संगठन से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा हो रही है और माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व उन्हें जल्द ही ठोस आश्वासन देकर मामले को शांत कराने की कोशिश करेगा। फिलहाल पूरे प्रदेश की निगाहें गुपकार में चल रही इस मैराथन बैठक के नतीजों पर टिकी हुई हैं।