जम्मू-कश्मीर कोऑपरेटिव सेंट्रल लैंड डेवलपमेंट लिमिटेड के 93 वर्षीय पूर्व प्रबंध निदेशक मोहम्मद शफी बंदे को जन्मतिथि में हेरफेर कर सेवा अवधि बढ़ाने के मामले में अदालत ने दोषी ठहराया है। क्राइम ब्रांच कश्मीर की जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने पर अदालत ने उन्हें प्रत्येक आरोप में दो साल की कैद और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
जम्मू और कश्मीर की अदालत ने जे-के कोऑपरेटिव सेंट्रल लैंड डेवलपमेंट लिमिटेड के 93 वर्षीय पूर्व प्रबंध निदेशक मोहम्मद शफी बंदे को जन्मतिथि में धोखाधड़ी करने के आरोप में दोषी ठहराया है।
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आर्थिक अपराध विंग (ईओडब्ल्यू), क्राइम ब्रांच कश्मीर ने पाया कि बंदे ने अपने सेवा कार्यकाल को अवैध रूप से बढ़ाने के लिए जन्मतिथि में हेरफेर की थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने 1934 के बजाय 1 सितंबर 1939 को अपनी जन्मतिथि दर्ज कराई और फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि उनकी वास्तविक जन्मतिथि 26 जून 1932 थी।
इस फर्जीवाड़े के कारण आरोपी ने सात साल से अधिक समय तक सेवा में बने रहकर खुद को लाभ पहुंचाया और राज्य को वित्तीय हानि हुई। अदालत ने मुकदमा सुनने के बाद उन्हें प्रत्येक मामले में दो साल की सादी जेल और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।