खुफिया इनपुट्स थे...लगातार निगरानी कर सतर्क थी पुलिस
एक अधिकारी ने बताया कि इनपुट्स को ध्यान में रखते हुए पुलिस करीब तीन महीनों से सतर्कता बढ़ाए हुए थी। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर खास नजर थी। उन्होंने बताया कि उमर पिछली बार अपने गांव जम्मू से श्रीनगर-जम्मू हाईवे के रास्ते आया था। उस दौरान उसने पूरी तरह से रेकी भी की थी। वो पुलवामा जैसा आईईडी हमला करने की फिराक में था। हैंडलर्स से उसे निर्देश भी दिए जा चुके थे लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी देख उसने प्लान बदल दिया।
डॉ. मुजम्मिल की करतूत से सभी स्तब्ध
उमर के घर से एक किमी दूर 32 वर्षीय डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई का परिवार रहता है। डॉ. मुजम्मिल को भी फरीदाबाद में गिरफ्तार किया गया था। मुजम्मिल के पिता शकील अहमद ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को सूचना दी कि मुजम्मिल को फरीदाबाद से जांच के लिए लाया गया है। गनई ने नीट पास किया। जम्मू के बत्रा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। स्किम्स से एमडी की। डीएनबी की ट्रेनिंग के लिए अल फलाह विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। वह दो साल से फरीदाबाद में था। जुलाई में जब मेरी किडनी की सर्जरी हुई थी, तब वह घर आया था।
आईएसआई के स्लीपर सेल्स से संपर्क
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आईएसआई के स्लीपर सेल्स के संपर्क में थे जिन्हें सीधा पाकिस्तान से आतंकी आका चला रहे थे। उन्हें सभी निर्देश वहीं से प्राप्त हो रहे थे। जानकारी के अनुसार गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान डॉ. मुजफ्फर का नाम सामने आया। डॉ. मुजफ्फर दिल्ली विस्फोट से संबंधित मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से एक डॉ. आदिल का भाई है।
दो भाई हिरासत में
उमर के घर पर मौजूद रिश्तेदारों ने बताया कि पुलिस सोमवार को आई। फोन जब्त किए और उमर के दो भाई आशिक अहमद भट और जहूर इलाही भट को ले गई। डॉ. उमर की भाभी मुजम्मिल अख्तर ने बताया कि उन्होंने उमर से आखिरी बार शुक्रवार को बात की थी। उसने बताया था कि वह तीन दिन बाद घर आ जाएगा।