दिल्ली की अदालत ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 21 आरोपियों को डिस्चार्ज करते हुए सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली की एक अदालत द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में डिस्चार्ज किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस फैसले ने जांच एजेंसियों की मनमानी को उजागर कर दिया है।
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महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जाता है, तो न्याय सबसे पहले प्रभावित होता है और सच्चाई सामने आने में वर्षों लग जाते हैं। इस मामले में न तो प्रथम दृष्टया कोई ठोस मामला था और न ही कोई विश्वसनीय साक्ष्य, फिर भी लोगों को वर्षों तक जेल में रहना पड़ा।
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 21 अन्य आरोपियों को आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में डिस्चार्ज कर दिया। अदालत के इस फैसले को आरोपियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।