भाजपा की ओर से टिकट वितरण के एक दिन बाद ही देवप्रयाग सीट पर भाजपा में बगावत शुरू हो गई है। विनोद कंडारी को प्रत्याशी बनाने से नाराज टिकट के दावेदारों और उनके समर्थकों ने फैसले पर पुनर्विचार के लिए पार्टी को 3 दिन का समय दिया है। पार्टी हाईकमान की ओर से फैसला न बदले जाने पर 21 जनवरी को उक्त लोग आगे की रणनीति बनाएंगे।
उन्होंने सामूहिक इस्तीफा देने और पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम करने की भी चेतावनी दी है। प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद से देवप्रयाग क्षेत्र में भाजपा में उथल-पुथल मची हुई है। मंगलवार को भाजपा के टिकट के दावेदार रहे पूर्व कबीना मंत्री दिवाकर भट्ट सहित ब्लाक प्रमुख हिंडोलाखाल जयपाल पंवार, पूर्व ब्लाक प्रमुख हिंडोलाखाल मगन सिंह बिष्ट और विजयंत निजवाला उनके समर्थक और भाजपा के कई कार्यकर्ता मलेथा स्थित एक होटल में एकत्रित हुए।
जहां दिन भर मंथन चलता रहा। बैठक के बीच में भट्ट ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि टिकट वितरण से कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। पार्टी ने जनभावना के विपरीत निर्णय लिया है। जब यहां पर काबिल नेता थे, तो बाहरी प्रत्याशी लाने की क्या जरूरत थी। टिकट वितरण से एक दिन पहले पार्टी के बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार के लिए जाने को कहा।
आखिर एक ही रात में ऐसा क्या हुआ कि अन्य को टिकट दे दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ता नाराज हुए, तो इसका असर अन्य सीटों पर भी पड़ेगा। पूर्व ब्लाक प्रमुख व वर्ष 2007 में भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ चुके मगन सिंह बिष्ट ने पार्टी के सर्वे पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाहरी प्रत्याशी किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
यदि प्रत्याशी नहीं बदला गया, तो 3 दिन बाद सर्वसम्मति से प्रत्याशी तय कर चुनाव लड़ा जाएगा। विजयंत निजवाला ने कहा कि जिसको पार्टी ने टिकट दिया, उनसे ज्यादा उनकी पकड़ है। सबने सर्वसम्मति से भट्ट को प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इसको बदल दिया गया। जयपाल पंवार ने कहा कि यदि पार्टी निर्णय नहीं बदलती है, तो पार्टी कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।
पार्टी प्रत्याशी को क्षेत्र में कोई नहीं जानता। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी जोशी व शाकंबरी डंगवाल, पूर्व ब्लाक प्रमुख जयप्रकाश शाह और प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष वासुदेव भट्ट आदि मौजूद थे।