श्री कृष्ण नागराजा महाशक्ति देवरा के शुभारंभ मौके पर ध्वज फहराते हुए गांववासी व अन्य
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ढोल की थाप और जागरों के साथ श्रीकृष्ण नागराजा महाशक्ति देवरा (तीर्थ यात्रा) का श्रीगणेश हो गया है। देवप्रयाग संगम पर देवी देवताओं के निशानों और ध्वजों के गंगा स्नान के बाद यात्रा निकाली गई। छह दिवसीय देवरा गढ़वाल मंडल के 5 जिलों से होकर 10 अप्रैल को चिन्यालीसौड़ पहुंचेगी।
बुधवार को श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति की ओर से आयोजित यात्रा को क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी ने रघुनाथ मंदिर से रवाना किया। मंदिर में बदरीनाथ, रघुनाथ, हनुमान, दुर्गा व गरुड़ के ध्वजों को फहराया गया। इस मौके पर यात्रा के संयोजक पूर्व कबीना मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी ने कहा कि सनातनी देव संस्कृति को संरक्षित करना ही देवरा का उद्देश्य है। कहा कि यात्रा के माध्यम से उत्तराखंड में तीर्थाटन और पर्यटन बढ़ाने का उनका मकसद है।
क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि देवप्रयाग विधान सभा क्षेत्र की लोक संस्कृति धरोहरों को संरक्षित किया जाएगा। पौराणिक मठ मंदिरों को पर्यटन मानचित्र पर लाया जाएगा। वहीं स्वामी सागर सिंध महाराज ने पौराणिक संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं का आह्वान किया। इस अवसर पर ढोल की थापों के बीच जागरों से देवी-देवताओं का आह्वान किया गया।
इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष शुभांगी कोटियाल, गेंदालाल ध्यानी, रजनीश मोतीवाल, डा. बीएस रावत, अतुल कोटियाल, मुकेश भट्ट, जनाद्र्धन ध्यानी, केके कोटियाल, जीतराम भट्ट, विद्यार्थी पालीवाल, तिलकराम चमोली, धीरेंद्र रांगड़ और तेजराम सेमवाल आदि लोग मौजूद थे।