फर्जी दस्तावेजों से जमीन कब्जाने का आरोप
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार मामला एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। आरोप था कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमीन पर कब्जा करने और श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) से भवन निर्माण की अनुमति हासिल करने की कोशिश की। मामले की जांच क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा ने की। जांच के बाद बारापथर, श्रीनगर निवासी मुश्ताक अहमद मलिक और तत्कालीन पटवारी के खिलाफ श्रीनगर की सब-जज अदालत में चार्जशीट पेश की गई।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान दस्तावेजों में कथित हेराफेरी, महत्वपूर्ण तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने और सरकारी पद के दुरुपयोग के आरोपों की पुष्टि हुई। क्राइम ब्रांच ने जांच को सिद्ध मानते हुए पूरा कर लिया है और मामले को न्यायिक निर्णय के लिए सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया गया है।
अदालत करेगी आरोपों पर फैसला
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई अदालत में होगी। जांच में सामने आए तथ्यों और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।