कांग्रेस ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को गैरजरूरी बताते हुए लद्दाख प्रशासन पर स्थिति को गलत तरीके से संभालने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि वांगचुक गांधीवादी विचारधारा के समर्थक हैं और लद्दाख के हित में शांतिपूर्ण आंदोलन चला रहे थे।
कांग्रेस ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को 'गैरवाजिब' बताते हुए लद्दाख प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि प्रशासन ने पूरे मामले को गलत तरीके से संभाला है और अब अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रहा है।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव गुलाम अहमद मीर ने अनंतनाग में मीडिया से बात करते हुए कहा, सोनम वांगचुक एक सम्मानित और गांधीवादी विचारधारा वाले व्यक्ति हैं, जिन्होंने हमेशा लद्दाख के हितों के लिए काम किया है। उनकी गिरफ्तारी की कोई जरूरत नहीं थी। मीर ने यह भी कहा कि यह वही एनडीए सरकार है जिसने वांगचुक को विदेशी फंडिंग की अनुमति दी थी, और अब उस फंडिंग को रद्द करके यह दिखाना चाह रही है कि जैसे वह पहले की सरकार की गलती थी।
यह पूरी तरह से लद्दाख मामले का गलत प्रबंधन है और इसके लिए केंद्र सरकार और प्रशासन जिम्मेदार है। डोरू से विधायक मीर ने कहा कि लद्दाख की जनता राजनीतिक सशक्तिकरण चाहती है, एक विधानसभा के साथ पूर्ण केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल किया जाना, ताकि वहां की जनजातीय और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके।
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लद्दाख के लोग हमेशा शांतिप्रिय रहे हैं और उन्होंने कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया है। जब बीजेपी द्वारा कांग्रेस पर हिंसा भड़काने के आरोप के बारे में पूछा गया, तो मीर ने साफ कहा कि यह केवल एक झूठा नैरेटिव है। जिस पार्षद पर आरोप लगाया जा रहा है, उसने साफ इनकार किया है कि वह किसी हिंसा में शामिल था।
फोटो में दिख रहे व्यक्ति को लेकर भी साफ किया गया है कि वह पार्षद नहीं हैं। यहां तक कि उस पार्षद के दो नजदीकी रिश्तेदारों की मौत भी हो चुकी है, फिर भी वह शांति बनाए रखे हुए हैं। मीर ने अंत में कहा कि भाजपा अपनी विफलता छिपाने के लिए कांग्रेस पर झूठे आरोप लगा रही है, जबकि हकीकत यह है कि सरकार से लद्दाख की जनता का भरोसा उठता जा रहा है।