निरीक्षण के दौरान उन्होंने ई-केवाईसी काउंटर, यात्रा सुविधा केंद्र, यात्री स्वागत क्षेत्र और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। इस मौके पर नागरिक प्रशासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें तैयारियों और समन्वय व्यवस्था की जानकारी दी।
डिविजनल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और प्रभावी संचार व्यवस्था बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने बताया कि इस वर्ष यात्रा के लिए सुविधाओं में बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है। 2025 के 54 केंद्रों की तुलना में 2026 में कुल 131 पंजीकरण सुविधा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें ई-केवाईसी काउंटर 21 से बढ़ाकर 59, आरएफआईडी काउंटर 20 से बढ़ाकर 32 और ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन काउंटर 13 से बढ़ाकर 40 कर दिए गए हैं। ये अतिरिक्त सुविधाएं पंथाचौक, श्रीनगर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन नौगाम जैसे प्रमुख स्थानों पर स्थापित की गई हैं।
इधर जम्मू में यात्रा के लिए टोकन वितरण प्रक्रिया भी तेज हो गई है। तवी रिवर फ्रंट स्थित केंद्रों पर मंगलवार को सैकड़ों श्रद्धालु टोकन लेने के लिए कतारों में नजर आए। प्रशासन ने वहां 10 टोकन वितरण काउंटर स्थापित किए हैं।
3 जुलाई से 57 दिन की अमरनाथ यात्रा शुरू होगी। पहली जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना होगा। टोकन लेने के बाद बुधवार से ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, आवास, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं तीर्थयात्रियों की सुगमता को ध्यान में रखकर की गई हैं।