पहलगाम में दुकानों का खुलना और पर्यटकों का लौटना
शुक्रवार को पहलगाम के बाजार में कुछ दुकानें खुलीं और कुछ पर्यटक भी वहां घूमने पहुंचे। इससे लग रहा था कि जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, जो एक सकारात्मक संकेत है। दुकानें खुलने और पर्यटकों के लौटने पर स्थानीय लोगों को राहत महसूस हो रही है।
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एक स्थानीय निवासी अब्दुल रशीद ने कहा, आज थोड़ा अच्छा लग रहा है क्योंकि लोग वापस आने लगे हैं और दुकानें खुल गई हैं। हम चाहते हैं कि पर्यटक लौट आएं ताकि हमारे घरों के चूल्हे जल सकें। अगर पर्यटन प्रभावित हुआ, तो कई लोगों का रोजगार चला जाएगा।
जुमे की नमाज के बाद स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन
इस बीच, जुमे की नमाज के बाद स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर पहलगाम हमले की निंदा की और "हम हिंदुस्तानी हैं, हिंदुस्तान हमारा है", "पर्यटक हमारे मेहमान हैं जैसे नारे लगाए।
एक अन्य स्थानीय जावेद खटाना ने कहा, हम शर्मिंदा हैं कि हमारे मेहमानों को इन दरिंदों ने निशाना बनाया। हम चाहते हैं कि उन्हें पहलगाम के बीचोंबीच फांसी दी जाए। हम अपने मेहमानों की सुरक्षा के लिए अपनी जान देने को तैयार हैं।
इस घटना के बाद से बैसरन के जंगलों में सुरक्षाबलों का कॉम्बिंग ऑपरेशन लगातार जारी है। प्रशासन ने पहलगाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि पर्यटकों का विश्वास बहाल किया जा सके।