शान-ए-बचपन नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन प्रेमचंद की कहानी ‘ईदगाह’ पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। बाल कलाकारों के मार्मिक अभिनय ने दर्शकों का मनमोह लिया।
चौरास परिसर स्थित आडिटोरियम में आयोजित नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को गढ़वाल विवि की डिप्टी डीएसडब्ल्यू प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. एससी बागड़ी ने महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलता है। कहा कि समय समय पर इस प्रकार के आयोजन होने चाहिए। आयोजन समिति के डा. संजय पांडे व डा. अजीत पंवार ने बताया कि मंगलवार को महोत्सव का समापन किया जाएगा।
नाटक का कथानक
श्रीनगर। नाटक के कथानक के अनुसार नाटक का मुख्य पात्र हामिद अपनी दादी अमीना के साथ गांव में रहता है। हामिद के माता पिता की मौत हो चुकी होती है। दादी मजदूरी कर किसी तरह अपना और हामिद का पेट पाल रही है। ईद के मौके पर हामिद अपने दोस्तों के साथ मेले में जाता है। उसके दोस्त मेले में तरह तरह के खिलौने खरीदते हैं, लेकिन हामिद के पास केवल एक ही रुपया रहता है। हमीद जैसे ही खिलौना खरीदने की सोचता है लेकिन उसे याद आता है कि घर में चिमटा न होने के कारण रोटी सेकते समय अक्सर उसकी दादी का हाथ जल जाता है। हामिद इस एक रुपये से अपनी दादी के लिए चिमटा खरीद लेता है, जिसे देख हर दर्शक की आंखें नम हो गई।
मंच के पीछे-
नाटक का निर्देशन- उमंग खुगशाल व बृजमोहन
साउंड- आशुतोष
लाइट- अंजलि, प्रिया
मंच पर - ध्रुव, शिवानी, आयुष, रोहित, सलौनी, अमन, ऋतिका, अनुष्का, घटाक्षी, दिव्यांशु, अभिषेक, राखी, निखिल, पंकज, प्रतिक्षा, साकेत, सोनम, कमलेश, शिवम,