श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में वानी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार हुआ है और ऐसे में केंद्र सरकार को यहां से एएफएसपीए हटाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
हमारी इच्छा है और हम केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि एएफएसपीए को सबसे पहले जम्मू-कश्मीर से हटाया जाए। जमीनी स्तर पर हालात काफी बेहतर हुए हैं और इसकी शुरुआत यहीं से होना बेहतर रहेगा।
जम्मू-कश्मीर में जुलाई 1990 से एएफएसपीए लागू है। उस समय बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों और उग्रवाद से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को 'अशांत क्षेत्र' घोषित किया था। वर्तमान में यह कानून नागालैंड, मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी लागू है।
राज्य का दर्जा बहाल किए जाने के सवाल पर वानी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार को केंद्र सरकार के वादे पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के समय केंद्र ने तीन चरणों की योजना बताई थी, जिसमें पहले परिसीमन, फिर विधानसभा चुनाव और उसके बाद राज्य का दर्जा बहाल करने की बात कही गई थी।
परिसीमन और चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब जम्मू-कश्मीर के लोग राज्य का दर्जा बहाल किए जाने के तीसरे वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।