बीए तृतीय सेमेस्टर की लिखित परीक्षा बिना सूचना के कराए जाने पर छात्रों ने आक्रोश जताया। छात्र नेताओं का कहना है कि पूर्व में उन्हें इस पेपर में केवल प्रोजेक्ट वर्क किए जाने जाने की बात कही गई थी।
केंद्रीय गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में बीए तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने बिना सूचना के सोशल रिसर्च पेपर की लिखित परीक्षा देने पर रोष जाहिर किया। छात्र नेता आयुष मियां, अंकित चंद्र भट्ट और अरजित खन्ना ने कहा कि बीए तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को पूर्व में शिक्षकों ने बताया गया था कि सोशल रिसर्च का सिर्फ प्रोजेक्ट जमा करना होगा, लेकिन मंगलवार सुबह अचानक विवि ने लिखित परीक्षा करवा दी, जिससे अधिकांश छात्र-छात्राएं परीक्षा नहीं दे पाए हैं।
छात्रों ने इस संबंध में कुलसचिव डा. एके झा से भी वार्ता की। हालांकि स्कूल ऑफ सोशल साइंस के डीन प्रो. जेपी पचौरी ने कहा कि उक्त विषय में लिखित परीक्षा अनिवार्य है। जो छात्र परीक्षा से वंचित रह गए हैं। वह छात्र अगले सेमेस्टर में परीक्षा दे सकते हैं।
प्रो. पचौरी ने कहा कि 61 छात्रों ने परीक्षा दी है। 10 छात्रों के अनुपस्थित रहने की सूचना है। कुछ छात्र लगातार परीक्षा से अनुपस्थित चल रहे थे हो सकता है कि यह वही छात्र हों। फिर भी छात्र हित में निर्णय लिया जाएगा।