गंडोला सेवा की बहाली के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार के लिए यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। इस सेवा को तभी शुरू किया गया है जब केबल कार बनाने वाली मूल फ्रांसीसी कंपनी पोमा ने मरम्मत और रखरखाव के काम की गहन जांच कर इसे पूरी तरह सुरक्षित होने का प्रमाणपत्र दे दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद पोमा ने हमारे सर्विस और मेंटेनेंस के तरीकों की समीक्षा की और पूर्ण संतुष्टि के बाद ही इसे दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सेवा को जल्द शुरू करने का काफी दबाव था और वे चाहते तो पांच दिनों में भी इसे चला सकते थे, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता था।
बचाव अभियान में शामिल कर्मियों को मिलेंगे 50,000 रुपये
मुख्यमंत्री ने तकनीकी खराबी के दौरान मुस्तैदी से काम करने वाली रेस्क्यू टीमों और केबल कार कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों की जमकर सराहना की। उन्होंने बचाव अभियान में शामिल कर्मियों के लिए 50,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की। इधर, गंडोला शुरू होने से घाटी पहुंचे पर्यटक बेहद खुश हैं।
मुंबई से अपने परिवार के साथ आईं पर्यटक फलक चौधरी ने बताया कि मुंबई की गर्मी के बीच कश्मीर आना उनके लिए जन्नत जैसा अनुभव है और गंडोला शुरू होने से उनका यह दौरा यादगार बन गया है। गंडोला सेवा का दोबारा शुरू होना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक संजीवनी की तरह है। गुलमर्ग के एक होटल मैनेजर ने उम्मीद जताई कि केबल कार चलने से आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा, जिससे पर्यटन से जुड़े हर छोटे-बड़े कारोबारी को फायदा पहुंचेगा। स्थानीय घोड़ा वाले अब्दुल रहमान ने भी इसका स्वागत करते हुए कहा कि वे अल्लाह से दुआ करते हैं कि यहां पर्यटकों की रौनक और बढ़े।
गंडोला है लाइफलाइन
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गंडोला बंद होने के बावजूद गुलमर्ग में पर्यटकों का आना कम नहीं हुआ था लेकिन अब इसके खुलने से सैलानियों की आमद और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। गुलमर्ग से कोंगडूरी और अफरवट चोटी को जोड़ने वाला यह गंडोला यहां के सैकड़ों गाइडों, टट्टू वालों, होटल कर्मचारियों और दुकानदारों की आजीविका की मुख्य लाइफलाइन है।