टूटे ‘वेलकम इन बडगाम’ ने किया स्वागत
श्रीनगर से जैसे ही बडगाम में प्रवेश किया, सड़क किनारे सेल्फी पॉइंट वेलकम इन बडगाम बना था। इसके आठ अक्षर पूरी तरह टूटे थे और क्षेत्र के प्रति उदासीनता की कहानी कह रहे थे। यही हाल बडगाम रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क के तिराहे पर लगे बडगाम के लोगो को था।
बडगाम जाते और वहां से आते हुए सड़क पर हमने कई जगह हिचकोले भी खाए। बाटाहार में शब्बीर अहमद, नासिर अंसारी, उमर शेख आदि ने बताया कि चुनाव में उमर की जीत के बाद उम्मीद थी कि यहां विकास होगा पर उन्होंने सीट छोड़ दी। अब जो भी यहां से जीतेगा उससे फरियाद करेंगे। किसे वोट देंगे, इस सवाल को वह टाल गए।
उमर की जीत में चला था रुहुल्ला का जादू, अब सब खामोश
पीडीपी के गढ़ शिया बहुल बडगाम में रूहुल्ला का जादू चला तो उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी के उम्मीदवार आगा सैयद मुंतजिर मेहदी को 18,485 वोट से हराया था। आगा को 17,525 और उमर को 36,010 वोट मिले थे। उमर के सीट छोड़ने के बाद नेकां ने आगा सैयद महमूद को उम्मीदवार बनाया है।
पीडीपी की ओर से आगा सैयद मुंतजिर मेहदी मैदान में हैं तो भाजपा ने भी शिया चेहरे आगा मोहसिन पर दांव चला है। बडगाम के लोगाें के अनुसार नेकां और पीडीपी की कड़ी टक्कर है। यहां रुहुल्ला फैक्टर काम करता है लेकिन उमर से तल्खी के बीच ने रुहुल्ला ने प्रचार से दूरी बनाई रखी है। इसने चुनाव को दोनों पार्टियों के लिए कड़ा बना दिया है।
वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों के अपने दावे हैं। लोगों का कहना है कि यहां भाजपा एक्स फैक्टर काम कर सकता है। भाजपा कार्यकर्ता इस समय गांव-गांव और घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। वरिष्ठ नेता अशोक कौल लगातार जनसभाएं कर रहे हैं, भाजपा नेता और कार्यकर्ता उत्साहित हैं और जीत के दावे कर रहे हैं।