हजरतबल में अपनी दादी अकबर जहां की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की कोशिशें लगातार जारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पैसों और मंत्री पद का लालच काम नहीं आया तो अब विधायकों को राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जम्मू क्षेत्र के नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक विधायक ने उन्हें बताया कि पार्टी बदलने के लिए उन्हें 20 से 30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव दिया गया था।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे और किसी भी कीमत पर खुद को नहीं बेचेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता जनता और ईश्वर के प्रति जवाबदेह हैं।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सत्ता हासिल करने के लिए पीछे के रास्ते से प्रवेश नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता ने जिसे जहां रखा है, उसे वहीं रहना होगा और लोकतांत्रिक तरीके से ही सत्ता में बदलाव संभव है।