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श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर फंसे लोगों के लिए देवदूत बनकर आते हैं ‘बनिहाल वालंटियर्स’

Fri, 12 Feb 2021 01:17 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
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जम्मू-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर हादसों खासकर बर्फबारी के दौरान मुसाफिरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन से भी आगे रहता है बनिहाल वालंटियर्स। यह युवाओं का ग्रुप बनिहाल से रामसू के बीच हाईवे पर फंसे लोगों के लिए देवदूत बनकर आता है।
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जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2012 में बने बनिहाल वालंटियर्स नाम के इस ग्रुप में 30 से अधिक युवा शामिल हैं। यह सभी मोहम्मद इदरीस वानी के नेतृत्व में अपनी निस्वार्थ सेवाएं लोगों को मुश्किल की घड़ी में प्रदान करते हैं। यह दल सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहते हैं। अक्सर बनिहाल से रामसू के बीच हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में यह दल प्रशासन और पुलिस से पहले घटना स्थल पर पहुंचता है और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करता है।

 
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जम्मू-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
बनिहाल वालंटियर्स के फर्स्ट-ऐड एक्सपर्ट अजमल अमीन ने बताया कि इस हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अहम चीज रहती है क्विक रिस्पांस देना, ताकि हादसे में अगर कोई गंभीर रूप से घायल हो तो उसे समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई सके। अजमल ने बताया कि उनके 10 से अधिक वालंटियर्स के नंबर पहले से वितरित किए जा चुके हैं। ऐसे में अगर कोई सड़क दुर्घटना होती है तो उन्हें स्थानीय लोग सूचित करते हैं। तुरंत उस मैसेज को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में डालकर वालंटियर्स को सूचित किया जाता है और इसके बाद सभी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए निकल पड़ते हैं।

 

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जम्मू-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
अक्सर सड़क की हालत खराब होने, पस्सियां गिरने या फिर बर्फबारी के चलते श्रीनगर-जम्मू हाईवे बंद होने के चलते रास्ते में फंसे हजारों मुसाफिरों को ग्रुप के युवा वह मदद करते हैं। फंसे लोगों के लिए प्रशासन द्वारा मुहैया करवाए गए शेल्टर होम्स में रहने की व्यवस्था करवाई जाती है।
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जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा अन्य कई जगहों पर भी रहने का इंतजाम किया जाता हं। खाने-पीने का भी प्रबंध किया जाता है। एक यात्री रणजीत कौर ने बताया कि हाल ही में वह बर्फबारी के कारण बनिहाल में रास्ता बंद होने के चलते फंस गए थे। दो दिन वहां प्रशासन का कोई अधिकारी लोगों की खबर लेने नहीं पहुंचा। बनिहाल वालंटियर्स ग्रुप के युवा मौके पर पहुंचे और उन्होंने हमारी मदद की।
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