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Galwan valley: गलवां घाटी में शहीद जवानों का बलिदान...हमेशा रहेगा याद, 20 शहीदों की वीरता को भारत ने किया सलाम

Mon, 16 Jun 2025 12:24 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर

सार

फायर एंड फ्यूरी कोर ने गलवां घाटी संघर्ष में शहीद हुए 20 जवानों को उनकी वीरता और बलिदान के लिए श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी ने भी शहीदों को याद करते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया।
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गलवान घाटी संघर्ष में शहीद सैनिकों को सेना ने दी श्रद्धांजलि - फोटो : @firefurycorps
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विस्तार
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भारतीय सेना के फायर एंड फ्यूरी कोर ने सोमवार को गलवां घाटी में चीन के साथ हुए संघर्ष में शहीद हुए सैनिकों को याद करते हुए उनकी वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि दी। 16 जून 2020 को हुए इस संघर्ष में 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे। सेना ने कहा कि उनकी अदम्य हिम्मत हर भारतीय के दिल में सदैव जिंदा रहेगी और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

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गलवान घाटी संघर्ष में शहीद सैनिकों को सेना ने दी श्रद्धांजलि - फोटो : @firefurycorps
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी शहीद सैनिकों को याद करते हुए उनकी बहादुरी और बलिदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों को सैकड़ों सलाम।

गलवान घाटी संघर्ष में शहीद सैनिकों को सेना ने दी श्रद्धांजलि - फोटो : @firefurycorps
गलवां घाटी की घटना के बाद भारत-चीन के बीच तनाव बढ़ गया था, लेकिन दोनों देशों ने धीरे-धीरे सीमा पर अलगाव प्रक्रिया पूरी की है। फरवरी 2021 में पांगोंग झील के 135 किलोमीटर क्षेत्र से दोनों पक्षों ने अलगाव किया था। सितंबर 2022 में गोगरा हाइट्स-हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र से भी अलगाव पूरा हुआ। अक्टूबर 2024 में देपसांग मैदान और डेमचोक के क्षेत्र में भी सीमा पर पैट्रोलिंग के लिए सहमति बनी।
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गलवान घाटी संघर्ष में शहीद सैनिकों को सेना ने दी श्रद्धांजलि - फोटो : @firefurycorps
भारत और चीन के शीर्ष नेता भी कई बार मिले हैं, जिनमें अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में हुए 16वें ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक शामिल है।

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