सेना अध्यक्ष के साथ उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, सेना की 16 कोर और 25 इन्फेंट्री डिवीजन के कमांडर भी थे। पुंछ, राजोेरी और सुंदरबनी सेक्टर के अग्रिम इलाकों में पहुंचे जनरल धीरज ने सेना के अधिकारियों व जवानों से बातचीत भी की। उन्होंने सभी सैनिकों का उत्साह बढ़ाते हुए हर परिस्थिति में मिशन पर केंद्रित रहने, ऑपरेशनल दृष्टि से सतर्क और चुस्त रहने तथा बेहतर करने की दिशा में निरंतर बढ़ने का साहस बढ़ाया। उन्होंने सैनिकों के समर्पण और उनके ऊंचे हौसले की सराहना करते हुए उनकी पीठ थपथपाई। वे पुंछ में एक घंटे तक रहे।
सेना प्रमुख का ये दौरा इसलिए भी अहम है कि भारतीय सेना वर्तमान में एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, घुसपैठ की किसी भी कोशिश को विफल करने तथा आतंकरोधी अभियानों को प्रभावी बनाए रखने के लिए लगातार सतर्कता बरत रही है। व्हाइट नाइट कोर के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा पर लगातार बदल रहे सुरक्षा परिदृश्य, सैनिकों की तैनाती, आधुनिक निगरानी प्रणाली, तकनीकी नवाचारों तथा समन्वित परिचालन तैयारियों के बारे में बताया।
बता दें कि गत 14 जून को संघर्ष विराम तोड़ते हुए पाकिस्तानी सेना ने राजोरी और पुंछ दोनों जिलों में भारतीय अग्रिम चाैकियों को निशाना बनाते हुए गोलाबारी की थी। 28 जून को पुंछ के मेंढर सेक्टर में भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी आतंकी को सेना ने पकड़ा था।
बुनियादी ढांचे की समीक्षा भी की गई
सेना प्रमुख ने अग्रिम क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे बुनियादी ढांचे की स्थिति भी जानी। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए सेना के जनकल्याण और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने देश के प्रथम गांवों के सशक्तीकरण के लिए सेना के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए जारी रखने पर जोर दिया।