श्रीनगर/कुलगाम। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में भाजयुमो कार्यकताओं की हत्याओं के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष आबिद खान ने पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इसे सुरक्षा में चूक बताया। उन्होंने जिले के एसएसपी को सस्पेंड करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
कुलगाम के जिला भाजपा अध्यक्ष आबिद खान ने कहा कि जिस तरह से भाजपा का ग्राफ घाटी में बढ़ता जा रहा है उससे आतंकी बौखलाए हुए हैं। उन्होंने जिले के एसएसपी को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उनकी नाकामियों और सुरक्षा में चूक के चलते कुलगाम में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी जानें गवाईं और आगे भी ऐसा कुछ होने की संभावना है। खान ने केंद्र सरकार से एसएसपी को सस्पेंड करने की अपील करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले समय में हम चुनावों का बहिष्कार कर सकते हैं। अगर आज तक जिले में जो कुछ हुआ उसकी एसएसपी द्वारा सही से जांच करवाई गई होती तो तीन कार्यकर्ताओं की जान नहीं जाती।
157 भाजपा कार्यकर्ताओं को दी है सुरक्षा : आईजीपी
भाजपा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि अभी तक करीब 157 भाजपा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है। उन्हें पीएसओ दिए गए हैं। करीब 30 कार्यकर्ता ऐसे हैं जिनके घर पर गार्ड तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिसे भी जान का खतरा है उसे भी सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएसओ को भी हिदायतें दी हैं कि वह जिनकी सुरक्षा में तैनात हैं, उन्हें रात में मूवमेंट न करने दें, न ही उन्हें ऐसे इलाके में जाने दें, जहां खतरा हो। अगर जाते भी हैं तो एसओपी का सही से पालन करें।
फिदा हुसैन को भी होटल में सुरक्षा में रखा था
आईजी ने यह भी बताया कि 5 अगस्त के पहले करीब 1619 ऐसे लोगों की एक सूची बनाई गई थी जिन्हें जान का खतरा हो सकता था। उन्हें विभिन्न होटलों में सुरक्षा में रखा गया था। इनमें से एक फिदा हुसैन भी थे जिन्हें पहलगाम के होटल डोल्फिन में रखा गया था। तीन सप्ताह वहां रुकने के बाद उन्होंने एक अंडरटेकिंग दिया और अपनी मर्जी से वहां से निकल गए थे।
हत्या के पीछे पाकिस्तान का है हाथ
आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि कुछ दिन पहले घाटी के मीडिया कर्मियों को पाकिस्तान से ऑपरेट की जाने वाली एक कश्मीर फाइट नामी वेबसाइट के जरिये धमकी दी गई थी। उसी वेबसाइट पर ही इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ने ली, जिससे यह साबित होता है कि पाकिस्तान के इशारे पर ही यह हत्या भी हुई हैं।