महाराष्ट्र के पुणे से आईं मीनल ने कहा कि हमले के बाद हमने सोचा कि दौरा रद्द कर दें, लेकिन ट्रेवल एजेंट के आश्वासन के बाद हम यहां आए। अब तक हम गुलमर्ग, पहलगाम घूम चुके हैं। कहीं भी कुछ गलत महसूस नहीं हुआ। हर जगह सुरक्षित माहौल और स्थानीय लोगों का बेहद प्यार मिला। कश्मीर की मेहमाननवाजी जितनी सुनी थी, उससे कहीं अच्छी है।
जिन्हें शक है वे यहां आकर देखें
एक पर्यटक हेमंत ने कहा कि हमने डल झील, गुलमर्ग और सोनमर्ग के नजारे मन मोह लेने वाले हैं। यह जिंदगी भर याद रहेंगे। कश्मीर धरती का स्वर्ग है और रहेगा। हर समाज में कुछ बुरे लोग होते हैं, लेकिन आतंकियों के कारण सभी मुसलमानों को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। हिंदू-मुस्लिम का रंग न चढ़ाया जाए। जिन्हें शक है, वे यहां आकर खुद देखें। उनके साथ मौजूद स्थानीय ड्राइवर मोहसिन खान ने कहा कि बाहर से आने वाले लोग हमारे मेहमान हैं। हम गुजारिश करते हैं कि यहां के बारे में गलत संदेश न फैलाएं और सभी को एक ही नजर से न देखें।