जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
- फोटो : ANI
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि पाकिस्तान की विरोधी मानसिकता जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत अब किसी भी आतंकी हमले को युद्ध की कार्यवाही के तौर पर देखता है और पाकिस्तान को अपनी नीति पर गंभीरता से पुनर्विचार करने की जरूरत है।
370 हटाने से नहीं रुका आतंक
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में उमर अब्दुल्ला ने साफ किया कि अनुच्छेद 370 हटाना आतंकवाद खत्म करने का हल नहीं था। उन्होंने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि समस्या की जड़ पाकिस्तान की नीयत में है, न कि संविधान के किसी प्रावधान में। अगर पाकिस्तान की नीयत खराब रहेगी, तो हम जम्मू-कश्मीर को कभी पूरी तरह आतंक मुक्त नहीं बना पाएंगे