बैठक के बाद विधायक नजीर अहमद गुरेजी ने भी पार्टी में अलग गुट बनने की खबरों को अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले विधायकों के एक साथ बैठने के बाद सोशल मीडिया पर अलग गुट और नई पार्टी बनने की बातें फैलाई गईं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है।
गुरेजी ने कहा कि विधायकों को अपनी समस्याएं और शिकायतें पार्टी नेतृत्व के सामने रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और डॉ. फारूक अब्दुल्ला के सामने अपने मुद्दे रखे हैं। नेतृत्व ने उन्हें भरोसा दिया है कि कुछ समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाएगा, जबकि बाकी मुद्दों पर चरणबद्ध तरीके से काम होगा।
विधायकों की चिंताएं जायज, समाधान का दिया भरोसा
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि विधायकों की चिंताएं जायज थीं और बैठक में उन पर विस्तार से चर्चा हुई है। पार्टी और सरकार को मजबूत बनाने के लिए कुछ कदम तत्काल उठाए जाएंगे, जबकि अन्य मुद्दों को धीरे-धीरे सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना भी पार्टी की प्राथमिकता है।
370 और पूर्ण राज्य के दर्जे की लड़ाई जारी रहेगी
फारूक अब्दुल्ला ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली और अनुच्छेद 370 व 35ए को लेकर पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस इस लड़ाई को उसके तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैसे शुरू हुई पार्टी में नाराजगी की चर्चा?
कुछ दिन पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के करीब 15 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से अलग एक अनौपचारिक बैठक की थी। इसके बाद सियासी गलियारों में पार्टी के भीतर असंतोष और अलग गुट बनने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। बताया जा रहा था कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार के कामकाज, मंत्रिमंडल में अनदेखी और क्षेत्रीय मुद्दों पर सुनवाई न होने से कुछ विधायक नाराज थे।
इन चर्चाओं के बीच पार्टी में बढ़ते असंतोष को दूर करने के लिए डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने अपने आवास पर यह बैठक बुलाई। बैठक के बाद पार्टी नेतृत्व ने एकजुटता का संदेश देते हुए नाराजगी से जुड़े मुद्दों को सुलझाने का भरोसा दिया।