श्रीनगर। कश्मीर घाटी में मंगलवार को ईद की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया। हर जिले में प्रदर्शन हुए। अलगाववादियों ने नमाज के बाद इस्राइली हमलों के विरोध में प्रदर्शन की अपील की थी। पुलिस को स्थिति काबू में करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे करीब दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। श्रीनगर के पुराने शहर स्थित ऐतिहासिक ईदगाह में ईद की नमाज के बाद इस्राइली द्वारा गाजा में हो रहे हमलों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण झड़पें हुईं। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने आईएसआईएस, फलस्तीन, अल-उमर मुजाहिदीन के अलावा तालीबान के झंडे भी लहराए गए। प्रदर्शनकारियों ने इस्राइल और अमरीका के झंडों को जलाया। क्षेत्र में तनाव को बढ़ता देख सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर- बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और रबर की गोलियां भी चलाईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच भिड़ंत काफी भीषण थी। सुरक्षा बलों ने 50 से अधिक आंसू गैस के गोले दागे। श्रीनगर के कई इलाकों में युवाओं की टोलियां मोटरसाइकिलों पर फलस्तीन के झंडे लेकर निकली। श्रीनगर के लाल चौक, माईसुमा, रीगल चौक के अलावा पुराने शहर में भी प्रदर्शन हुए और पुलिस ने वहां स्थिति को काबू में करने के लिए बल का प्रयोग किया। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां आदि इलाकों में भी इस्राइल विरोधी प्रदर्शन हुए। सबसे उग्र प्रदर्शन अनंतनाग जिले के ईदगाह के बाहर हुआ, जहां सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया और सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की। सुरक्षा बलों ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। जबकि उत्तरी कश्मीर के पट्टन, बारामुला, सोपोर, हंदवाड़ा, कुपवाड़ा, बांडीपुरा आदि इलाकों में भी प्रदर्शन हुए। इन हिंसक प्रदर्शनों के दौरान कश्मीर घाटी में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। समाचार लिखे जाने तक कई इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी।