श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देश तथा राज्य में शांति को अहम बताते हुए राज्य में आतंकवाद विरोधी अभियानों में जुटे सुरक्षा बलों की प्रशंसा की है। उन्होंने जवानों से कठिन परिस्थितियों में काम करने के बावजूद मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि अगर आप सख्ती करोगे तो लोगों को परेशानी कम होगी, लेकिन अगर उनके साथ बदतमीजी होगी तो उसको लोग सहन नहीं कर सकेंगे। जवान देश की सेवा कर रहे हैं ऐसे में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
बडगाम जिले के हुमामा में सीआरपीएफ की पासिंग आउट परेड पर जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जवानों से ड्यटी का निर्वाह ईमानदारी तथा निष्ठा से करने के लिए कहा। उन्होंने राज्य की परिस्थितियों को अन्य राज्यों से भिन्न बताते हुए कहा कि जवानों को किसी दूसरे राज्य में एक समस्या से उलझना पड़ता है, जबकि जहां कई तरह की परेशानियां झेल रहे हैं। एक ओर आतंकवाद का मुकाबला करना पड़ रहा है, जबकि दूसरी ओर कानून और व्यवस्था बनाए रखने में भी उनका सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवान हाथ में लाठी लिए खड़ा है तो उसको आतंकी की एके-47 का सामना करना पड़ता है। यही नहीं, अगर वह एकके-47 के साथ ड्यूटी करता है तो उस पर पथराव किया जाता है। अगर जवान अच्छा काम करता है तो उसको सराहना नहीं मिलती, लेकिन अगर वह भूल से कभी गलती कर बैठता है तो सब उस पर उंगली उठाते हैं। ऐसे में अच्छे-बुरे दोनों में उनको साथ मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद हमारे जवान राज्य में अच्छा काम कर रहे हैं। हालात में पहले से बेहतरी हुई है। अब वैसी स्थिति नहीं है जैसी कभी हुआ करती थी। लेकिन हम अभी वहां नहीं पहुंचे हैं, जहां बंदूक को पूरी तरह छोड़ा जा सके। हमारा एक ही मिशन है जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करना। इस प्रयास में हम जवानों के साथ हैं।