श्रीनगर। पोस्टरों के जरिए पंचों-सरपंचों और राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों को धमकी दिए जाने की लश्कर की हरकत को सरपंचों ने बुजदिलाना कार्रवाई बताया है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोइबा की धमकी के खिलाफ सरपंचों ने एकजुटता का ऐलान किया है। साथ ही कहा कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और न ही इससे लोकतंत्र कमजोर होने वाला नहीं है।
जम्मू एंड कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने लश्कर की धमकी को फिजूल की हरकत करार दिया। कांफ्रेेस का कहना है कि इससे कोई भी सरपंच डरने वाला नहीं है। कांफ्रेंस ने यह भी मांग की कि पुलिस को इस मामले की तह में जाना चाहिए और धमकी देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांफ्रेंस के चेयरमैन ने कहा कि यूं पोस्टर चस्पा कर हमें डराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सभी सरपंच लोकतंत्र को मजबूत करें और पूरी जिम्मेदारी से अपने काम को अंजाम दें। कांफ्रेंस ने इसके लिए रियासती सरकार और केन्द्र को भी जिम्मेदार माना। कांफ्रेंस का कहना है कि सरकार को सरपंचों को अधिकार देने चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत नीतियों की वजह से ही अब तक छह सरपंच मारे जा चुके हैं। अब यदि कोई घटना होती है तो सरकार ही जिम्मेदार होगी।
बता दें कि श्रीनगर के पुराने इलाकों में रातोंरात लश्कर लश्कर के हवाले से पोस्टर चिपकाए गए थे। पोस्टरों में धमकी दी गई थी कि सभी सरपंच मस्जिदों और अखबारों के जरिये इस्तीफा दे दें, वरना अंजाम बुरा होगा। पोस्टर में राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी।