श्रीनगर (ब्यूरो)। विधानसभा सत्र के दौरान मंगलवार को राज्य कर्मचारियों का मुद्दा खूब गूंजा। पीडीपी, भाजपा, पैंथर्स पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने जेल भेजे गए कर्मचारियों को तत्काल रिहा करने और केस खत्म करने की मांग रखी। एक-एक कर सदस्यों ने सरकार से जवाब मांगा कि इस गंभीर मामले पर सरकार क्या सोच रही है? पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, तारिक गामी, बलवंत मनकोटिया आदि ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को रिहा करे और तत्काल केस खत्म करे। सदन में इसका जवाब दिया जाना चाहिए। कानून मंत्री मीर सैफुल्ला ने सरकार की तरफ से जवाब दिया और कहा कि इस मामले पर मेरी मुख्यमंत्री मंत्री उमर अब्दुल्ला से बात हुई है। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। कर्मचारी नेताओं से कहा गया है कि वह मुख्य सचिव के साथ बैठक कर अपनी बातें रखें। बातचीत के बाद ही कर्मचारियों की रिहाई और केस खत्म होने पर कुछ कहा जा सकता है। कानून मंत्री की बातें सुन विपक्ष ने फिर से हंगामे की कोशिश की।