श्रीनगर/अनंतनाग। मंगलवार को दूसरे दिन भी घाटी के पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात और मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश ने जिंदगी की रफ्तार को धीमा कर दिया है। मौसम के इस सितम से राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी यातायात के लिए बंद रहा, जिसके चलते जगह-जगह लोग फंसे रहे। सोमवार को कई स्थानों पर बर्फ के तोंदे गिरने और मंगलवार को भारी बारिश के कारण ही प्रशासन को यातायात रोकना पड़ा।
इस दौरान श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में पूरे दिन जोरदार बारिश होती रही, जिसकी वजह से शहर की सड़कें पानी से भर गई। तेज बारिश के कारण जहां घाटी की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रही। हालांकि इस दौरान घाटी के दूरदराज क्षेत्रों में कुपवाडा की तरफ दोपहर तक ट्रैफिक चलता रहा, लेकिन बाद में दोपहर के बाद हुए हिमपात की वजह से सड़क पर वाहनों का चलना मुश्किल हो गया। कई क्षेत्रों लोलाब, कालारूस, हईहामा, कालपूरा, फरकियां, रमहाल, राजवार और न सिर्फ बिजली से कटे रहे, बल्कि हिमपात की वजह से वाहन भी नहीं चल सके। करनाह जाने वाली सड़क हिमपात की वजह से पिछले तीन दिनों से बंद है। जानकारी के मुताबिक यहां तीन फुट बर्फ ने सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया है। केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के नजदीक मछेल केरन और कुमकाडी क्षेत्र पूरी तरह से बंद हैं। प्रशासन के मुताबिक इन क्षेत्रों में राशन स्टोर कर दिया है। इस दौरान विभिन्न जिला प्रशासनों ने घाटी के पहाड़ी क्षेत्रों मछेल केरन, चौकी भल, जपमागुंड, बुढनभल और कमकाडी में लोगों को जाने से मना कर दिया है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि घरों की छतों से बर्फ को हटाया जाए, जिससे छत गिरने जैसा हादसा न हो सके। घाटी के पहाड़ी क्षेेत्रों में भारी हिमपात और मैदानों में भारी बारिश होगी। श्रीनगर का दिन का तापमान जहां 8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि रात का तापमान गिरकर 1.6 डिग्री रिकार्ड किया गया।