राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से पासआउट बांडधारी 23 चिकित्सकों से बांड की धनराशि (30 लाख) ब्याज सहित वसूली जाएगी। गैरहाजिर चल रहे इन चिकित्सकों से अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बांड की धनराशि वसूलने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। चिकित्सकों की सूची जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि कॉलेज से पासआउट 74 बांडधारी चिकित्सकों की अनुपस्थिति की शिकायत पर उन्हें अप्रैल में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसमें उन्हें बांड की शर्तों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में अपनी तैनाती स्थल पर उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए थे। जवाब में 16 चिकित्सकों ने अपना कार्यरत प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। 14 चिकित्सकों ने पीजी में अध्ययनरत का प्रमाण दिया। जबकि 21 चिकित्सकों ने बांड की सेवा शर्तों के मामले में कोर्ट का हवाला दिया, लेकिन 23 बांडधारी चिकित्सकों की ओर से अनुपस्थिति का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया है। प्रो. रावत ने बताया कि इन अनुपस्थित बांडधारी चिकित्सकों को बांड की धनराशि (30 लाख) ब्याज सहित वसूल किए जाने के लिए चिकित्सकों की सूची जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। ताकि उनकी आरसी काट धनराशि राजकोष में जमा की जा सके।
23 चिकित्सकों की सूची
1-कनिका बाधवा (बैच 2008), 2-डा. चित्रा बिष्ट (बैच 2008), 3-निहारिका पंत (बैच 2008), 4-डा. शानू (बैच 2008), 5-डा. नीलम (बैच 2008), 6-आरिज नवाज खान (बैच 2008), 7-डा. फोजिया शौकत (बैच 2008), 8-डा. मोहनी सिंह (बैच 2008), 9-डा. प्राची गोखुला (बैच 2008), 10-डा. अमिता पुंडीर (बैच 2008), 11-डा. स्वाती आर्य (बैच 2008), 12-डा. सुरभि मिश्रा (बैच 2008), 13-डा. ज्योति शर्मा (बैच 2008), 14-डा. वर्षा पंवार (बैच 2008), 15 डा. सृष्टि शर्मा (बैच 2009),16- पूजा गिरी (बैच 2009), 17 डा. अमित भंडारी (बैच 2009), 18 डा. सोहित सिंघल (बैच 2009), 19-डा. अंशुल वर्मा (बैच 2010), 20 डा. मनीष कुमार सरोज (बैच 2010), 21-डा. मानसी चौधरी (बैच 2012), 22 डा. मनमोहन सिंह नेगी (बैच 2013) 23-डा. प्रतिभा सिंह (बैच 2008)