ईरान-आर्मेनिया सीमा पार कर येरेवन पहुंचे सभी भारतीय छात्र
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नासिर खुएहामी ने बताया कि ईरान-आर्मेनिया सीमा पार करने वाले सभी भारतीय छात्र अब सुरक्षित रूप से राजधानी येरेवन पहुंच गए हैं। उन्हें उनके निर्धारित स्थान पर होटलों में ठहराया गया है।आर्मेनिया से दिल्ली के लिए उनकी उड़ान बुधवार को निर्धारित है, जिसमें भारतीय अधिकारियों के साथ समन्वय करके सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यह ईरान में पढ़ रहे सैकड़ों कश्मीरी छात्रों के परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है, जो बढ़ते इस्राइल-ईरान तनाव के बीच बहुत चिंता में हैं।
तेहरान की प्रमुख यूनिवर्सिटियों से छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
सोमवार को भारतीय दूतावास ने तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, इस्लामिक आज़ाद यूनिवर्सिटी और ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज से कश्मीरी सहित सभी भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया था। शहीद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज के सभी भारतीय विद्यार्थियों को कोम शहर के लिए रवाना किया गया।
मंगलवार को शिराज यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और इस्फ़हान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के छात्रों को निकालने की प्रक्रिया जारी रही। भारतीय दूतावास ने अराक विश्वविद्यालय से सभी भारतीय छात्रों को निकालने में मदद करने का अनुरोध किया है। भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और छात्रों से घर के अंदर रहने और आधिकारिक चैनलों पर नजर रखने के लिए कहा है।
छात्रों की सुरक्षा को लेकर भारत ने आर्मेनिया के राजदूत से की बातचीत
आर्मेनिया के राजदूत से बात कीभारत ने अपने छात्रों को निकालने के लिए ईरान में आर्मेनिया के राजदूत से बात की है। छात्रों को आर्मेनिया बॉर्डर पर नॉरदुज चौकी से बसों से निकाला जाएगा। ईरान में 1,500 कश्मीरी छात्रों सहित लगभग 10 हजार भारतीय फंसे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा हालात में देश के एयरपोर्ट भले ही बंद हैं, लेकिन जमीनी सीमाएं खुली हैं। छात्रों को ईरान छोड़ने से पहले राजनयिक मिशनों के जरिए ईरान के जनरल प्रोटोकॉल विभाग को अपना नाम, पासपोर्ट नंबर, गाड़ी डिटेल्स, देश से निकलने का समय और जिस बॉर्डर से जाना चाहते हैं, उसकी जानकारी पहले से देनी होगी।
निकासी के लिए आर्मेनिया पहली पसंद
ईरान का बॉर्डर सात देशों से लगता है। ये देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, अजरबैजान, आर्मेनिया, तुर्किये और इराक हैं। इसके अलावा समुद्री सीमा ओमान के साथ है। आर्मेनिया का बॉर्डर ईरान के प्रमुख शहरों से कम दूरी पर है। आर्मेनिया के साथ भारत के संबंध काफी अच्छे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा समझौते भी हुए हैं। आर्मेनिया राजनीतिक रूप से स्थिर है और भारत से उसके दोस्ताना संबंध हैं। वहां से फ्लाइट ऑपरेशन तेजी से संभव है क्योंकि येरेवन एयरपोर्ट पूरी तरह चालू है। ईरान और आर्मेनिया के बीच फिलहाल कोई सीमा विवाद या सैन्य तनाव नहीं है। यही वजह है कि भारतीय छात्रों की निकासी के लिए आर्मेनिया को चुना गया है।
यह खबर भी पढ़ें: Israel-Iran conflict: इस्राइल का तेहरान में हॉस्टल पर हमला, कई कश्मीरी छात्र घायल, परिजनों में बढ़ी चिंता