बारिश और बर्फबारी ने एक बार फिर लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। अगले दो दिन तक इससे राहत मिलने की भी संभावना नहीं है। वीरवार को पूरा दिन रुक रुक कर बारिश और बर्फबारी होती रही। वीरवार को शाम तक जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर वाहन रेंगते रहे। कई जगह भयंकर जाम की स्थिति भी बनी।
जवाहर टनल पर भारी बर्फबारी और बारिश से फिसलन होने के चलते देर शाम हाईवे बंद कर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक वीरवार को 3500 वाहन जम्मू से श्रीनगर पहुंचे। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान रियासत के इक्का दुक्का स्थानों पर भारी बारिश/बर्फबारी की चेतावनी जारी की है।
बुधवार के बाद वीरवार को भी पूरा दिन रुक रुक कर बारिश और बर्फबारी होती रही। इस दौरान श्रीनगर में 1.1 मिमी, जम्मू में 2.4 मिमी, बटोत में 6.6 मिमी, कटड़ा में 6.4 मिमी, बनिहाल में 3.9 मिमी, कुपवाड़ा में 4.1, पहलगाम में 0.7 मिमी और काजीगुंड में 3.8 मिमी बारिश/बर्फबारी दर्ज की गई।
शुक्रवार को मौसम साफ होने की स्थिति में श्रीनगर से जम्मू के लिए वाहन रवाना किए जाएंगे। बारिश और बर्फबारी से तापमान में जबरदस्त गिरावट हुई है। वीरवार को जम्मू का तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे 16.4 डिग्री जबकि श्रीनगर का सामान्य से दो डिग्री कम 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम के इस मिजाज से लोगों की मुसीबतों में और इजाफा हो गया है। दूरदराज के कई इलाकों में एक बार फिर सड़क संपर्क टूट गया है। यही नहीं, बिजली ढांचे को भी इससे व्यापक नुकसान हुआ है।
राहत और पुनर्वास के लिए 18 करोड़ जारी
स्टेट एग्जीक्यूटिव कमेटी ने मुख्य सचिव मोहम्मद इकबाल खांडे की अध्यक्षता में बैठक कर प्राकृतिक आपदाओं में चलाए जाने वाले राहत कार्यों और पोस्ट डिजास्टर रिलीफ और पुनर्वास के लिए 18 करोड़ रुपये जारी किए। कमेटी ने राहत खर्चों के लिए वित्त कमिश्नर, मंडलायुक्त और जिला आयुक्त के डिस्पोजल पर रखे रिलीफ फंड को बढ़ाकर क्रमश: दो करोड़, एक करोड़ और पचास लाख रुपये कर दिया है। लोगों को तत्काल मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए प्रत्येक सेक्टर में जिला आयुक्त 10 लाख रुपये, मंडलायुक्त 20 लाख रुपये और वित्त कमिश्नर 30 लाख रुपये मंजूर कर सकते हैं। 30 लाख से ज्यादा के लिए कमेटी को मामला भेजा जाएगा।