रूटों पर बसें नहीं दौड़ पा रहीं और टैक्सी ऑपरेटर इसका फायदा उठाकर यात्रियों से लूट-खसोट पर उतर आए हैं। तय किरायों के मुकाबले यात्रियों से दो से तीन गुना अधिक वसूली की जा रही है।
बर्फबारी के छह दिन बीत चुके हैं और अभी तक लोक निर्माण विभाग मुख्य सड़कों से पूरी तरह बर्फ नहीं हटा पाया है। हालांकि विभाग की ओर से सड़कें बहाल करने दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत कुछ और ही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग -22 पर कुफरी से फागू और नारकंडा में सड़क पर बर्फ की मोटी परत है।
खड़ा पत्थर और खिड़की में भी बर्फ से यातायात प्रभावित हो रहा है। यातायात बहाल न होने के कारण बसें रूटों पर रवाना नहीं हो रही और टैक्सी ऑपरेटर चांदी काट रहे हैं।
ठियोग से शिमला का टैक्सी किराया 1200 रुपये तय है जबकि इन दिनों टैक्सी ऑपरेटर दो से ढाई हजार रुपये वसूल रहे हैं। इस रूट पर प्रति सवारी किराया दो से चार सौ रुपये वसूला जा रहा है।
कोटखाई, नारकंडा, सैंज, रोहड़ूू और रामपुर में भी यात्रियों से मनमानी वसूली की जा रही है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रमन कुमार शर्मा ने बताया कि मनमानी वसूली को लेकर यदि कोई शिकायत आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यहां हैं टैक्सी यूनियनों के दफ्तर
ठियोग बस स्टैंड, फागू, कोटखाई, गुम्मा, नारकंडा, सैंज, रोहड़ूू और रामपुर।
टैक्सी ऑपरेटरों की मनमानी के कारण गंभीर रूप से बीमार लोगों को राजधानी पहुंचाने, परीक्षा या इंटरव्यू के लिए आने वाले लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।