जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की बहुत बड़ी कोशिश के पाकिस्तानी मंसूबों को नाकाम करते हुए सेना ने कम से कम छह विदेशी घुसपैठियों को ढेर कर दिया। इनकी तादाद ज्यादा भी हो सकती है।
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, मारे गए आतंकियों के शव बरामद नहीं हो सके हैं। उनकी तलाश जारी है। इनके तीन साथी आतंकियों का भी सुराग नहीं लग रहा है।
अनुमान है कि वे या तो मारे गए हैं या फिर जख्मी होकर एलओसी पार कर पीओके में चले गए होंगे। माना जा रहा है कि करीब एक दर्जन विदेशी घुसपैठियों की यह टुकड़ी अमरनाथ यात्रा में खलल डालने के मकसद से नियंत्रण रेखा लांघ रही थी।
सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात कुपवाड़ा जिले में लाइन आफ कंट्रोल (एलओसी) से घुसपैठ का प्रयास कर रहे आधा दर्जन आतंकियों को सेना ने मार गिराया।
सनद रहे कि घुसपैठ की यह कोशिश तब की गई जब श्री अमरनाथ यात्रा अपने पूरे जोश पर है। श्रीनगर से मात्र 89 किलोमीटर दूर एलओसी पर घुसपैठ के प्रयास को नाकाम करना सेना की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
सैन्य प्रवक्ता नरेश विज के अनुसार सोमवार की देर रात आतंकियों के एक बड़े दल ने केरन सेक्टर की हेमा पोस्ट से भारतीय इलाके में प्रवेश किया था।
फुरकिया गली के पास पहले से चौकस सेना के जवानों ने आतंकियों को नियंत्रण रेखा के पास ही घेर लिया और उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा।
आतंकी आत्मसमर्पण करने की बजाए गोलियां चलाते हुए एलओसी की ओर भागे। इस पर भारतीय जवानों ने गोलियां चलाई। जिसमें छह आतंकियों के मारे जाने की सूचना है।
हालांकि सैन्य प्रवक्ता ने कहा, ‘चूंकि आतंकियों के शव अभी बरामद नहीं हुए हैं, इसलिए मरने वाले आतंकियों की स्पष्ट संख्या नहीं बताई जा सकती, लेकिन सेना ने घुसपैठ के बड़े प्रयास को विफल कर दिया है।'
बचे हुए आतंकवादियों की तलाश के लिए सेना ने तलाशी अभियान चलाया है।