जम्मू-कश्मीर के सोपोर इलाके में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की सर्च टीम पर हुए आतंकी हमले में जहां एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) शहीद हो गया, वहीं तीन जवान बुरी तरह जख्मी हो गए।
घायलों को तत्काल श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए।
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बल ने मौके पर पहुंच इलाके को घेर लिया। देर रात तक इलाके में सर्च अभियान जारी रहा। नए साल में कश्मीर घाटी में यह पहली आतंकी घटना है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पुलिस को खबर मिली कि श्रीनगर से करीब 50 किलोमीटर दूर सोपोर जिले के गांव छनखान के एक घर में लश्कर के एक कमांडर सहित कुछ आतंकियों ने पनाह ले रखी है।
इसके बाद एसओजी और सुरक्षा बलों की एक टीम घटनास्थल पर रवाना की गई। जवान इलाके की घेराबंदी करते हुए जैसे ही आतंकी ठिकाने के करीब पहुंचे, आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया।
आतंकियों ने सबसे पहले हथगोले फेंकें और इसके बाद स्वचालित हथियारों से ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में चार एसओजी कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल श्रीनगर रेफर किया गया।
कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड में 4 जवान घायल
जहां एएसआई कफील अहमद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि एसओजी के घायल कांस्टेबल मंजूर अहमद, जाकिर और इरफान अहमद का उपचार चल रहा है। डाक्टरों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि छह जनवरी 1993 को 55 लोगों की हुई मौत के विरोध में सोपोर में सोमवार को बंद का आह्वान किया गया था।
उधर, मुठभेड़ में शहीद एएसआई कफील के शव को श्रीनगर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां उन्हें पुलिस के वरिष्ठ अफसरों ने श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक एजी मीर, केंद्रीय आरक्षी बल के डीआईजी यादव, डीआईजी जय प्रकाश, जिला उपायुक्त फारूक अहमद शाह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।