पैरा तीरंदाज खिलाड़ी शीतल देवी का जम्मू-कश्मीर से खास रिश्ता है। वहीं, पर उनका जन्म भी और वहीं, पर रहकर उन्होंने पैरा तीरंदाजी भी सीखी। शीतल देवी विश्व में टॉप पर हैं, इस पर पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने कहा कि उन्हें अभी तक नहीं पता की उनकी रैंकिंग वन हो चुकी है।
अमर उजाला की ओर से संवाद कार्यक्रम का आयोजन आज कन्वेंशन सेंटर जम्मू में किया गया। राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलित के साथ अमर उजाला संवाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कई दिग्गजों लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं, पैरा तीरंदाज में वर्ल्ड चैंपियन शीतल देवी का भी मंच पर बुलाकर स्वागत किया गया। पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने गोल्डन गर्ल पैरा तीरंदाज खिलाड़ी शीतल पैरा में विश्व में टॉप पर हैं। उनसे पूछा गया कि आप विश्व में टॉप पर हैं, इस पर पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने कहा कि उन्हें अभी तक नहीं पता की उनकी रैंकिंग वन हो चुकी है।
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पैरा तीरंदाज खिलाड़ी शीतल देवी का जन्म जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ा जिले के एक दूर दराज गांव लोईधारा में हुआ था। शीतल देवी के जन्म से ही दोनों हाथ नहीं थे। फिर भी शीतल ने हिम्मत नहीं हारी और आज वे वर्ल्ड चैंपियन हैं। शीतल ने कटरा में श्री माता वैष्णो श्राइन बोर्ड के स्पोर्ट्स स्टेडियम में अर्चरी अकादमी में दो साल पहले दाखिला लिया। कड़ी मेहनत के बाद शीतल ने लगातार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीतीं।
शीतल देवी के हाथ नहीं हैं, लेकिन वह अपने पैरों से करतब दिखाती हैं। शीतल देवी के प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतल से मुलाकात की थी और उन्हें आशीर्वाद दिया था। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शीतल देवी के एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने जाने पर गर्व महसूस किया। शीतल देवी का जम्मू-कश्मीर से खास रिश्ता है। वहीं, पर उनका जन्म भी और वहीं, पर रहकर उन्होंने पैरा तीरंदाजी भी सीखी।