पांच दिन पहले श्रीनगर की डल झील में ब्रिटिश युवती सारा की हत्या की तपिश नीदरलैंड भी पहुंच गई है। सारा की हत्या के आरोपी नीदरलैंड निवासी डेविट रिचर्ड का परिवार घटना की जानकारी मिलने से खासा परेशान है।
खासकर उसकी अंधी पत्नी उमा रूपानया को विश्वास ही नहीं हो रहा कि उसके पति ने वारदात को अंजाम दिया है। इतना ही नहीं, नौ और 12 साल की उसकी दो बेटियां अपनी अंधी मां से पूछ रही हैं कि डैडी ने उस लड़की की हत्या क्यों की?
हालांकि बेटियों के इस सवाल का 31 वर्षीय रूपानया के पास कोई जवाब नहीं है। वह कहती है कि बेटियों को क्या कहूं, कुछ समझ नहीं आता। रुपानया कहती हैं, ‘डच पुलिस अफसरों ने आकर उसे जानकारी दी कि उसके पति ने भारत में एक हाउसबोट में 24 वर्षीय सारा की हत्या कर दी है। जब वह भाग रहा था तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया।’
मानसिक रूप से था बीमार
विदेशी अखबार डेली मेल से बातचीत में रुपानया ने खुलासा किया कि छह महीने पहले नवंबर में उसका पति परिवार को छोड़ चला गया था। यात्रा पर रवाना होने से पहले रिचर्ड मानसिक रूप से बीमार था। साथ ही वह पागलों जैसी हरकतें करता था। उस समय एक मनोचिकित्सक के पास उसका इलाज भी चल रहा था। लेकिन उसने दवा लेना भी बंद कर दिया था।
डच अथारिटी से डर
रुपानया ने कहा, ‘वह कहता था कि उसे अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए घर छोड़ना होगा। मैं उसे लेकर बहुत चिंतित थी। लेकिन हमने सोचा भी नहीं था कि कभी इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। यह काफी भयानक है। वह हमारे बच्चों का अच्छा पिता है। उसने कभी मुझसे मारपीट तक नहीं की। वह ड्रग्स भी नहीं लेता था। हालांकि मुझे अब पता चला है कि वह ड्राग्स भी लेने लगा है।’
भारत रवाना होने से पहले उसने नेट पर मैसेज में कहा था, ‘उसे डर है कि डच अथारिटी उसके पीछे पड़ी हुई है और उसे फर्जी बम विस्फोट की साजिश में फंसा सकती है।’
रिचर्ड अपनी पत्नी को छोड़कर जब यात्रा पर निकला था तो वह काफी नाराज हुई थी। बकौल रुपानया, ‘चंद हजार यूरो (डच करेंसी) देकर जब वह मुझे छोड़कर जाने लगा तो मुझे काफी गुस्सा आया। उसे पता था कि अंधेपन की वजह से मैं न तो काम कर सकती हूं और न ही बच्चों की देखभाल। हालांकि संकट के इस वक्त में मुझे एक सशक्त मां बनना होगा। लेकिन यह हमारे लिए काफी बुरा समय है।’
पूर्व काउंसिलर है रिचर्ड
रिचर्ड नीदरलैंड के शहर राइडरकर्क का पूर्व काउंसिलर है। 13 साल पहले थाईलैंड में छुट्टियां मनाने के दौरान अपनी पत्नी से पहली बार मिला था। हालांकि नवंबर 2002 में शादी करने से पहले ही उनकी दो बेटियां पैदा हो चुकी थीं।
दूसरी बच्ची को जन्म देने के समय रूपानया की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी और अस्पताल के बेड पर शादी की रस्म अदा की गई थी। रुपानया कहती हैं कि रिचर्ड कभी काम नहीं करता था। सिर्फ घर में कंप्यूटर के आगे बैठा रहता था।