सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
पिछले कई वर्षाें से एक ही स्थान पर काम कर रहे जोनल रिसोर्स पर्सन (जेडआरपी)और सेंटर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) को उनकी पोस्टिंग के मूल स्थान पर भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सीईओ राजोरी अल्ताफ हुसैन चौधरी ने एक आदेश जारी कर जिले के विभिन्न शिक्षा जोन के जेडईओ को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में नियुक्त किए गए जेडआरपी और सीआरपी को दो दिनों में उनकी पोस्टिंग के मूल स्थान पर भेजें।
सीईओ ने अपने आदेश में उस निर्देश का हवाला भी दिया है, जिसमें कुछ दिन पहले शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सीईओ को निर्देश दिए थे कि वह जिले भर से सभी जेडआरपी और सीआरपी को वापिस भेजें और उनके स्थान पर नए जेडआरपी और सीआरपी नियुक्त करें।
सीईओ ने सभी जेडईओ को निर्देश दिए हैं कि वह मात्र दो दिनों में नए जेडआरपी और सीआरपी नियुक्त करने के लिए सूची भी भेजें।
उल्लेखनीय है कि जिले भर में करीब 150 ऐसे जेडआरपी और सीआरपी हैं जो पिछले करीब चार से पांच वर्षों से एक ही स्थान पर काम कर रहे हैं।
नियमों की बात करें तो जेडआरपी और सीआरपी को केवल दो वर्षाें के लिए ही नियुक्त किया जाता है।
दो वर्ष बाद उन्हें वापिस उनकी पोस्टिंग के मूल स्थान पर भेज, नए जेडआरपी और सीआरपी नियुक्त किए जाते हैं।