एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में शामिल वुलर झील लंबे समय तक डल झील और गुलमर्ग जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के आकर्षण के पीछे रही। हालांकि, अब वुलर विंटेज पार्क, सनसेट पॉइंट और जुरिमांज जैसे स्थान पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार गुरेज घाटी और उत्तर कश्मीर के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा पर आने वाले सैकड़ों पर्यटक अब वुलर झील पर भी रुक रहे हैं। झील का विशाल विस्तार, यहां मौजूद पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां और चारों ओर फैले पहाड़ों का खूबसूरत नजारा पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि इस साल वुलर झील पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। गुरेज जाने वाले कई पर्यटक अब वुलर किनारे कुछ समय बिताकर झील की खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से नाव चालकों, खाने-पीने के विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों को आमदनी के नए अवसर मिले हैं।
हरियाणा से आई पर्यटक डॉ. देविंदर ने वुलर झील की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने डल झील के बारे में सुना था, लेकिन वुलर झील उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा विशाल और सुंदर है। यहां के प्राकृतिक नजारे बेहद शानदार हैं।
वहीं, दिल्ली से आए पर्यटक संजय विदवा ने कहा कि वुलर झील को और अधिक प्रचार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के बाहर अधिकतर लोग केवल डल झील को जानते हैं, जबकि वुलर का अपना अलग आकर्षण है और इसे एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी अभी भी पर्यटन विकास में एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसे देखते हुए वुलर झील के आसपास कई पर्यटन और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
इन परियोजनाओं में नेचर पार्क झील किनारे मनोरंजन सुविधाएं, सौंदर्यीकरण कार्य, व्यूइंग डेक, वॉकिंग ट्रैक और अन्य पर्यटन सुविधाएं शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना और वुलर झील को उत्तर कश्मीर के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करना है।
अधिकारियों को उम्मीद है कि इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद वुलर झील पर पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी, जिससे झील पर निर्भर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के और अधिक अवसर मिलेंगे।