चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी और ओलावृष्टि से जहां एक तरफ जनजीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ कई कच्चे मकान ढहने से कई परिवार बेघर हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, बुधवार की रात थन्नामंडी तहसील के कलास क्षेत्र में दो कच्चे ढहे। स्थानीय निवासी मोहम्मद शब्बीर और मोहम्मद जावेद के कच्चे मकान बारिश की भेंट चढ़ गए। समय रहते दोनाेें मकानों से लोगों को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया था।
जबकि मोहम्मद जावेद के घर के आंगन में बंधा उसका घोड़ा मलबे के नीचे दबकर मर गया। वहीं वीरवार को शहर में तीन बजे के बाद फिर से आसमान पर काले घनेे बादल छा गए। जिले के पहाड़ी इलाकों में फिर से बारिश और ओले गिरने के समाचार हैं।
पुंछ में भी कई दिनों से जिले में जारी वर्षा और भूस्खलन से जिले के अलग अलग क्षेत्रों में कई घरों और पशुशालाओं को भारी क्षति पहुंची है। जबकि करीब एक दर्जन पशुओं की मौत हो गई।
सबसे अधिक नुकसान मंडी और सुरनकोट तहसील के ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में, जहां पर मिट्टी के घर बने हैं, वहां हुआ है। मंडी तहसील के साब्जियां, गगड़ियां, अटोली, लोरन, बराछड़ आदि क्षेत्रों में करीब एक दर्जन पशु मारे जा चुके हैं।