अगर सब कुछ सही रहा तो अगले एक-दो दिन में पुलस्त नदी के उस पार बसे दस गांव के 40 हजार लोग फिर सड़क मार्ग के रास्ते जिला मुख्यालय से जुड़ जाएंगे, क्योंकि सेना ने करीब दो महीने पहले आई बाढ़ में बह गए पुलस्त नदी पर बने पुल के एक हिस्से और सड़क से कुछ हट कर नदी पर लोहे के एक अस्थाई पुल के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है।
जिसके पूरा होते ही सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इस कार्य से नदी के उस पार बसे गांव सलोत्री, फिलोर, जलास, भेरा, दरा दुलियां, क्वाड़ियां, मंगनाड़, कनूइयां, बैंछ, दलेरा और खनेतर के लोगों में भारी खुशी है।
ग्रामीण अनिल कुमार, मुकेश शर्मा, पुष्कर राज, निसार अहमद, वजाहत हुसैन, शबीर अहमद, मोहिंदर सिंह आदि का कहना है कि अब पुल का निर्माण हो जाने से हमारी परेशानियां तो कम होंगी ही, साथ ही हमारे बच्चे गाड़ी में बैठ कर स्कूल आ-जा सकेंगे। गौरतलब है कि पुलस्त नदी में तीन सितंबर को आई बाढ़ से उस पर बने शेरे कश्मीर पुल का नगर की तरफ का एक हिस्सा और करीब 100 मीटर सड़क बह गई थी। जिससे नदी के उस पार बसे ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्यालय से संपर्क कट गया था।